मौलाना मदनी के बयान पर साक्षी महाराज का पलटवार, वंदेमातरम् विवाद पर कार्रवाई की मांग
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साक्षी महाराज ने कहा कि वंदेमातरम् का विरोध राष्ट्रहित के विपरीत है और मौलाना मदनी के जिहाद संबंधी बयान पर सरकार को गंभीर कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्नाव में मीडिया से बातचीत में साक्षी महाराज ने मौलाना मदनी की टिप्पणी को समाज में अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला बताया और इसे अस्वीकार्य कहा।
सांसद ने कहा कि भारत लोकतांत्रिक देश है, जहां कट्टरता और हिंसक विचारधाराओं के लिए कोई स्थान नहीं है, इसलिए ऐसे बयानों पर नियंत्रण आवश्यक है।
उत्तरप्रदेश / उन्नाव में भाजपा सांसद डॉ. सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज ने मौलाना अरशद मदनी के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रगीत वंदेमातरम् का विरोध किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत लोकतांत्रिक देश है और यहां किसी भी प्रकार की कट्टरता या हिंसक विचारधारा को बढ़ावा देने की गुंजाइश नहीं है।
साक्षी महाराज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मौलाना मदनी द्वारा वंदेमातरम् और जिहाद से संबंधित दिया गया बयान “आपत्तिजनक और अस्वीकार्य” है। उन्होंने इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक या राजनीतिक मतभेद की आड़ में राष्ट्रगीत का विरोध करना राष्ट्रहित के विपरीत माना जाता है।
उन्नाव में भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से वार्ता के दौरान साक्षी महाराज ने कहा कि भारत सरकार को ऐसे बयानों की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां किसी भी प्रकार की हिंसक विचारधारा या कट्टरपंथ को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि वंदेमातरम् राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है और उसका विरोध करने वाली टिप्पणियाँ समाज में अनावश्यक विवाद पैदा करती हैं। साक्षी महाराज ने इसे “ओछी मानसिकता” का परिणाम बताया तथा सरकार से इस पर संज्ञान लेने की मांग की।